एक सीजन में 1,000 रन बनाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने विराट कोहली

हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली ने एक सीजन में बतौर कप्तान 1,000 रन पूरे किए। उन्होंने ये कारनामा 66वें ओवर में ताइजुल इस्लाम की गेंद पर एक रन बटोरकर मुकम्मल किया। इस टेस्ट के पहले कोहली के नाम वर्तमान 2016-17 सीजन में कुल 964 रन थे। बतौर खिलाड़ी कोहली ये कारनामा करने वाले सातवें भारतीय क्रिकेटर बने। उनके पहले ये कारनामा गौतम गंभीर(1,269 साल 2008-09 में), राहुल द्रविड़(1,241 साल 2003-04 में और 1,006 साल 2002 में)), मोहिंदर अमरनाथ1,182 साल 1982-83 में), सुनिल गावस्कर( 1,179 साल 1978-79, 1,027 साल 1979-80 में) और वीरेंद्र सहवाग(1,128 साल 2004-05 में और 1.079 साल 2003-04 में) ने मुकम्मल किया है।

इसके अलावा कोहली विश्वस्तर पर एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वाले सातवें कप्तान बने। उनके पहले ये कारनामा रिकी पोंटिंग(1,483 साल 2005-06), ब्रायन लारा(1,253 साल 2003-04 में), माइकल क्लार्क(1,178 साल 2012-13, 1,141 साल 2011- 12 में), ग्रीम स्मिथ(1,107 साल 2011-12), ग्राहम गूच(1,058 साल 1990 में) और बॉब सिम्पसन(1,007 साल 1964-65) अपने नाम कर चुके हैं। इस बेहतरीन कारनामें के अलावा, कोहली ने सचिन तेंदुलकर ने एक सीजन में बतौर कप्तान चौकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस मैच के पहले कोहली के नाम 106 चौके थे और अब वह उन्होंने सचिन के द्वारा साल 1999-2000 सीजन में जड़े गए 109 चौकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

इसके अलावा कोहली 2016-17 सीजन में अब तक तीन शतक जड़ चुके हैं। यह दूसरा मौका है जब कोहली ने बतौर कप्तान तीन शतक जड़े हैं। इसके पहले उन्होंने 2014-15 सीजन में ये कारनामा मुकम्मल किया था। यह कीर्तिमान प्राप्त करने वाले वह दूसरे भारतीय कप्तान हैं। उनके पहले सुनील गावस्कर ने साल 1978-79 और 1979-1980 में तीन- तीन शतक जड़े थे।

साल 2016 वन डे क्रिकेट की 10 सबसे बड़ी पारियां, कौनसी पारी लगती सबसे बेस्ट ? टिप्पणी करें

साल 2016 अपने साथ देश और दुनिया की तमाम खबरों, यादों के साथ विदा लेने को है। वैसे यह साल क्रिकेट के लिहाज से काफी अच्छा रहा, खासतौर पर भारत, दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के लिए। इस साल में वनडे क्रिकेट में 10 मौके ऐसे आए जब बल्लेबाजों ने एक पारी में 150 या उससे ज्यादा रन बनाए। लेकिन इस साल कोई भी खिलाड़ी दोहरे शतक के आंकड़े को नहीं छू सका। जबकि साल 2015 में दो खिलाड़ियों ने वनडे में दोहरा शतक जड़ा था। दुनिया की कई टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन पारियां खेलीं। आईए साल 2016 की दस बड़ी पारियों पर नज़र डालते हैं

क्विंटन डि कॉक

दक्षिण अफ्रीका के विकेट कीपर बल्लेबाज क्विंटन डि कॉक साल 2016 में सबसे लंबी वनडे पारी खेलने वाले बल्लेबाज रहे। कॉक ने सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेंचुरियन में 113 गेंदों में आतिशी 178 रन बनाए। पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 157.52 का रहा। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 11 गगनचुंबी छक्के भी लगाए। इसके साथ 14 चौके भी जड़े।

डेविड वार्नर

ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर इस साल 150 रनों से ज्यादा की दो पारियां खेलने वाले इकलौते बल्लेबाज रहे। वॉर्नर की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में खेली पारी साल 2016 की दूसरी सबसे लंबी पारी रही। वार्नर अपनी इस आतिशी पारी के दौरान 136 गेंदें खेलीं और 173 रन बनाए। इस पारी में वार्नर ने 24 चौके लगाए।

रोहित शर्मा

वनडे क्रिकेट में दो दोहरे शतक जड़ चुके रोहित शर्मा ने साल 2016 की शुरुआत बेहद आतिशी अंदाज में की थी। रोहित ने पर्थ की तेजतर्रार पिच पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 163 गेंदों में नाबाद 171 रन बनाए थे। यह पारी रोहित के चिर परिचित अंदाज से थोड़ी परे थी लेकिन रोहित ने 13 चौके और 7 छक्के जड़ दिए थे। रोहित साल 2016 में 150 रनों के आंकड़े को पार करने वाले पहले खिलाड़ी भी रहे।

एलेक्स हेल्स

इंग्लैंड के बल्लेबाज एलेक्स हेल्स साल 2016 में सबसे लंबी वनडे पारी खेलने वालों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। हेल्स ने अगस्त में पाकिस्तान के खिलाफ 122 गेंदों में शानदार 171 रन बनाए। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 22 चोके और 4 छक्के भी लगाए। इस आतिशी पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 140.16 रहा।

स्टीव स्मिथ

क्रिकेट का सुपरमैन कहे जाने वाले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने साल की पांचवी सबसे बड़ी पारी खेली। स्मिथ ने दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ सिडनी में खेले गए मैच में 157 गेंदों में 164 रन बनाए। पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 104.45 का रहा। अपनी इस मैराथन पारी में स्मिथ ने 14 चौके और 4 छक्के भी लगाए।

जेसन रॉय

इंग्लैंड के बल्लेबाज जेसन रॉय ने साल की छठी सबसे लंबी एकदिवसीय पारी खेली। रॉय ने जुलाई में इंग्लैंड के ओवल मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ 118 गेंदों में 162 रन बनाए। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 13 चौके और 3 छक्के भी जमाए। पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 137.28 का रहा।

एडमंड जॉएस

आयरलैंड के बल्लेबाज एडमंड जॉयस ने साल 2016 की सातवीं सबसे बड़ी पारी खेली। वह किसी भी एसोसिएट नेशन की ओर से सबसे लंबी पारी खेलने वाले खिलाड़ी भी रहे। एडमंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ जुलाई में बेलफास्ट में 148 गेंदों में नाबाद 160 रन बनाए थे। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 19 चौके और 3 छक्के भी जड़े। पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 108.10 का रहा।

डेविड वार्नर

साल 2016 की आठवीं सबसे बड़ी पारी ऑस्ट्रेलिया के आतिशी बल्लेबाज डेविड वार्नर के नाम रही। वार्नर ने दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मेलबर्न में 128 गेंदों में 156 रन बनाए। जिसमें 13 चौके और 4 छक्के शामिल थे। पारी के दौरान वार्नर का स्ट्राइक रेट 121.87 का रहा।

विराट कोहली

टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली के लिए साल 2016 बहुत बेहतरीन रहा। विराट ने इस साल हर फॉर्मेट में रन बनाए। विराट इस साल वनडे क्रिकेट की सबसे लंबी पारी खेलने वालों की सूची में नौवें स्थान पर रहे। विराट ने अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मोहाली में खेले गए वनडे मैच में 154 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम इंडिया को विजयी बनाया था। विराट ने 134 गेंदों में 154 रन बनाए थे जिसमें 16 चौके और 1 छक्का शामिल था।

सरजील खान

पाकिस्तानी बल्लेबाज सरजील खान इस साल वनडे की सबसे बड़ी पारी खेलने वालों में दसवें स्थान पर रहे। सरजील ने अगस्त में आयरलैंड के खिलाफ डबलिन में 86 गेंदों में 152 रन बनाए थे। अपनी इस आतिशी पारी के दौरान सरजील ने 16 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़े थे। बांए हाथ के सलामी बल्लेबाज सरजील ने 61 गेंदों में ही अपना शतक पूरा कर लिया था। स्ट्राइक रेट के लिहाज से यह साल 2016 की सबसे तेज 150 रन की पारी रही सरजील ने मैच में 176.74 की औसत से रन बनाए थे।

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LIVE भारत बनाम बांग्लादेश, पहला टेस्ट : भारत ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी का फैसला

​Live Updates


6 mins ago9:14 am
बांग्लादेश(अंतिम एकादश): तमीम इकबाल, सौम्या सरकार, मोमिनुल हक, महमूदुल्लाह, शाकिब अल हसन, मुशफिकुर रहीम(विकेटकीपर/कप्तान), सब्बीर रहमान, मेहंदी हसन, ताइजुल इस्लाम, तास्किन अहमद, कामरुल इस्लाम रब्बी।भारत(अंतिम एकादश): मुरली विजय, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली(कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रिद्धिमान साहा(विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, ईशांत शर्मा।

8 mins ago 9:11 am
टॉस: भारत ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी का फैसला

भारत की मेजबानी में बांग्लादेश पहला टेस्ट खेल रही है

नमस्कार, आदाब क्रिकेट स्पाई हिंदी की लाइव कवरेज में आपका स्वागत है। मैं हूं देवब्रत वायपेयी और मैं आपको भारत और बांग्लादेश के बीच एकमात्र टेस्ट से जुड़ी हर अपडेट से रूबरू करवाऊंगा। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दोनों देशों के बीच एकमात्र टेस्ट खेला जाएगा। जीत के रथ पर सवार टीम इंडिया जहां पिछले साल अजेय रही थी। तो वहीं बांग्लादेश ने भी इंग्लैंड को टेस्ट में हराकर और उसके बाद न्यूजीलैंड को कड़ी टक्कर देकर ये साबित कर दिया है कि अब वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बच्चे नहीं रहे। ऐसे में भारतीय टीम को बांग्लादेश को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

बांग्लादेश ने साल 2000 में बीसीसीआई की मदद से टेस्ट दर्जा प्राप्त किया है। वनडे और टी20I जैसे प्रारूपों में विश्व की हर बड़ी टीमों को मात देने वाली बांग्लादेश की टीम ये साबित करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी कि वे अब टेस्ट में भी किसी भी टीम को धूल चटा सकते हैं। इस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी है जो नियमित टेस्ट मैच खेलने पर विपक्षी टीम के लिए खतरा बन सकते हैं लेकिन फिलहाल यह टीम लाल गेंद के खेल से कुछ अनजान है। विराट कोहली की टीम इस समय टेस्ट में शीर्ष स्थान पर है जबकि बांग्लादेश अब भी टेस्ट में पांव जमाने की कोशिश में है। भले ही मैच एकतरफा नजर आ रहा हो लेकिन बांग्लादेश भारत को कड़ी टक्कर जरूर देगा।

भारत अपनी सरजमीं पर सात सालों के बाद किसी उप-महाद्वीप की टीम की टेस्ट में मेजबानी कर रहा है। पिछली बार साल 2009 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में वीरेंद्र सहवाग ने जबरदस्त बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया था और मुथैया मुरलीधरन, रंगना हेराथ की बखिया उधेड़ते हुए ब्रेबोर्न स्टेडियम में टीम इंडिया की जीत का झंडा गाड़ दिया था। इसके बाद ही पहली बार टीम इंडिया टेस्ट में नंबर एक टीम बनी थी। साल 2009 में जो टीम इंडिया खेली थी उसका सिर्फ एक खिलाड़ी मुरली विजय ही वर्तमान में सक्रिय है और बाकी टीम बदल चुकी है। लेकिन वर्तमान में भी टीम इंडिया टेस्ट में नंबर वन है। बांग्लादेश टीम पहली बार टेस्ट खेलने के लिए भारत आई है। ऐसे में उपमहाद्वीप की पिच पर बांग्लादेश भारत के खिलाफ क्या चुनौती पेश कर पाता है ये देखना दिलचस्प होगा।

IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के अब तक के 5 सबसे महंगे खिलाड़ी

चेन्नई सुपर किंग्स की टीम IPL से 2 साल के लिए निलंबित चल रही है। लेकिन आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन काफी बढ़िया रहा है। चेन्नई की टीम अब तक 2 आईपीएल का खिताब और 2 बार चैंपियंस लीग टी-20 का खिताब जीत चुकी है। बिना किसी शक के सीएसके की टीम आईपीएल की सबसे सफल टीम है।

2008 में इंडिया सीमेंट्स ने उन्हें $91 मिलियन में खरीदा था। तब चेन्नई की टीम चौथी सबसे महंगी टीम थी।  सीएसके की टीम ने आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

चेन्नई की टीम की सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने अपनी टीम के मुख्य खिलाड़ियों का साथ कभी नहीं छोड़ा। हर साल सीएसके फ्रेंचाइजी ने सोच-समझकर पैसा खर्च किया। हालांकि कई अहम खिलाड़ियों के लिए उन्होंने खूब पैसा भी खर्च किया। चाहे आईपीएल के पहले सीजन में महेंद्र सिंह धोनी रहे हों या फिर 2012 में रविंद्र जडेजा।

इनमें से कई खिलाड़ी हर बार सफल नहीं रहे। लेकिन कई अहम मौकों पर इन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जीत भी दिलाई।

आइए आपको बताते चेन्नई सुपर किंग्स के अब तक के 5 सबसे महंगे खिलाड़ियों के बारे में

5. सुब्रमण्यम बद्रीनाथ $850,000

दुर्भाग्यवश सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर अच्छा नहीं रहा है। ये उनकी खराब किस्मत ही रही कि ऐसे समय में उनका उदय हुआ जब भारतीय क्रिकेट टीम में कई युवा खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे और कई खिलाड़ी नेशनल टीम में दस्तक दे रहे थे। लेकिन वहीं दूसरी तरफ बात अगर उनके आईपीएल करियर की करें तो चेन्नई सुपर किंग्स के वो सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।

हालांकि वो बहुत ज्यादा आक्रामक और तूफानी बल्लेबाज नहीं हैं फिर भी उन्होंने टीम के लिए लगातार उपयोगी पारियां खेली हैं। जब भी टीम संकट में दिखी तब बद्रीनाथ ने पूरी जिम्मेदारी से टीम को संभाला। ये उनकी योग्यता ही थी कि 2011 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने $850,000 की भारी-भरकम रकम अदा कर उन्हें खरीदा, जबकि उनकी बेस प्राइज मात्र $100,000 ही थी।

हालांकि ज्यादातर मौकों पर बद्रीनाथ बड़ा स्कोर नहीं बना सके हैं फिर भी वो टीम के बैटिंग आर्डर को स्थिरता प्रदान करते हैं। वहीं दूसरी तरफ अपनी फील्डिंग से वो काफी रन भी बचाते हैं।

4.रविचंद्रन अश्विन-$850,000

2010 के आईपीएल सीजन में अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से  खेलते हुए 12 विकेट झटके थे, जिसकी वजह से सीएसके की टीम आईपीएल का टाइटल जीतने में सफल रही थी। वहीं चैंपियंस लीग टी-20 में भी उन्होंने 13 विकेट झटके। ये चैंपियनशिप भी सीएसके की टीम के नाम रही थी। इसके बाद से अश्विन चेन्नई की टीम के नियमित सदस्य रहे हैं।
उनकी काबिलियत की अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि चेन्नई टीम मैनेजमेंट ने उनको उनकी बेस प्राइज से 8 गुना ज्यादा रकम देकर खरीदा था। उनका बेस प्राइज केवल $100,000 था लेकिन चेन्नई की टीम ने  $850,000 की रकम अदा कर उन्हें टीम में शामिल किया। इसकी वजह से वो 2011 की आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए। तब से लेकर अब तक वो चेन्नई की टीम का हिस्सा रहे हैं।

2011 की आईपीएल नीलामी तक अश्विन ने चेन्नई के लिए 6.07 की औसत से 20 मैचों में 28 विकेट लिए थे। इसके बाद से अश्विन अब तक चेन्नई  के लिए 7 से भी कम औसत से 121 मैचों में 120 विकेट चटका चुके हैं। वो टीम के लीडिंग विकेट टेकर हैं और उन्होंने खुद को दुनिया का बेस्ट गेंदबाज साबित किया है।

3. महेंद्र सिंह धोनी – $1.5 million

2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी ने शानदार कप्तानी करते हुए भारतीय़ टीम को जीत दिलाई थी। इसके बाद जब 2008 में आईपीएल की शुरुआत हुई तो धोनी सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी थे।  तब चेन्नई की टीम ने उन्हें रिकॉर्ड $ 1.5 million देकर खरीदा था। 2008 में उससे ज्यादा पैसे केवल 2 खिलाड़ियों को मिले थे।

बहुत से लोगों ने ये सोचा कि शायद चेन्नई टीम मैनेजमेंट ने धोनी पर ज्यादा पैसा खर्च कर दिया है। लेकिन उसके बाद 2 आईपीएल टाईटल और 2 चैपियंस लीग का टाइटल जीतकर उन्होंने दिखा दिया कि क्यों सीएसके ने उन पर इतना पैसा खर्च किया था।  धोनी वर्तमान में आईपीएल के सबसे सफल कप्तान हैं और उन्होंने खुद को एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर भी स्थापित किया है।

विपरीत परिस्थितियों में शांत रहने, कभी ना हार मानने का जज्बा उन्हें और खिलाड़ियों से अलग बनाती है। मुश्किल से मुश्किल हालात में भी वो टीम को संकट से निकाल लाते हैं। ये काबिलियत उनके अंदर कूट-कूटकर भरी हुई है।

2008 में वो चेन्नई की टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी थी। हालांकि बाद में चेन्नई की टीम ने उनसे भी ज्यादा रकम देकर और खिलाड़ियों को खरीदा।

2. एंड्र्यू फ्लिंटॉफ- $1.55 million

एंड्र्यू फ्लिंटॉफ 2009 की आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए। लेकिन अपनी कीमत के हिसाब से वो कभी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।

2009 की आईपीएल नीलामी से पहले ही उन्हें टीम में लाने की कवायद शुरु हो गई थी। बाद में खुलासा हुआ कि पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी की कृपा से उन्हें टीम में शामिल किया गया और उनके लिए $1.55 मिलियन की भारी-भरकम रकम अदा की गई।

चेन्नई की टीम के पास पूरे 2 मिलियन खर्च करने के लिए थे। सीएसके तब पसंदीदा टीम थी जिसके बारे में मोदी ने बाद में खुलासा किया उन्होंने सीएनएन-आईबीएन को दिए एक इंटरव्यू में ये बात कही। जिसके बाद फ्लिंटॉफ, केविन पीटरसन के साथ सबसे महंगे खिलाड़ी बने। केविन पीटरसन को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की टीम ने खरीदा था। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था।

हालांकि चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते फ्लिंटॉफ कभी भी फॉर्म में नहीं दिखे। हर मौके पर उन्होंने निराश किया। इस बात को उन्होंने खुद भी स्वीकार किया है कि सीएसके की टीम में रहते हुए वो अच्छा नहीं कर पाए।

फ्लिंटॉफ ने सीएसके की तरफ से 31 की औसत से महज 62 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 116.9 था। वहीं 3 मैचों में 9.54 के इकॉनामी रेट से वो मात्र 2 ही विकेट ले सके। उसी आईपीएल सीजन में वो चोटिल हो गए और पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। हालांकि उसी साल उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास भी ले लिया इसके बाद उन्होंने कभी भी आईपीएल में हिस्सा नहीं लिया।

1.रविंद्र जडेजा-$2 million

आईपीएल के शुरुआती 2 संस्करण 2008 और 2009 में चेन्नई की टीम में सबसे ज्यादा महंगे खिलाड़ियों की भरमार थी। लेकिन टीम कभी खिताब नहीं जीत पाई। इसके बाद अगली 2 नीलामी में चेन्नई की टीम ने ज्यादा पैसा नहीं खर्च किया, फिर भी 2010 और 2011 का आईपीएल खिताब जीत लिया। एक बार टीम सेट हो जाने के बाद 2012 की नीलामी में चेन्नई की टीम ने दिल खोलकर पैसा खर्च किया और 2012 का सबसे महंगा खिलाड़ी खरीदा।

2012 की नीलामी केवल 3 खिलाड़ी ही $1 मिलियन के आंकड़े को छू पाए थे। इनमें से सबसे बड़ा नाम था रविंद्र जडेजा का। जडेजा को खरीदने के लिए डेक्कन चार्जस हैदराबाद और चेन्नई की टीम में कड़ा मुकाबला देखने को मिला अंत में चेन्नई की टीम ने बाजी मार ली।

कुछ लोगों को उम्मीद थी कि जडेजा सबसे महंगे खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। क्योंकि इससे पहले वो 2008 के शुरूआती सीजन में वो राजस्थान रॉयल्स की विनिंग टीम का हिस्सा था। इससे अगले सीजन में कोच्चि टस्कर्स की टीम ने उन्हें $950,000 में खरीदा था। सितंबर 2011 में कोच्चि की टीम ने जडेजा को रिलीज कर दिया जिसके बाद 2012 की नीलामी में चेन्नई की टीम ने $2 मिलियन खर्च कर उन्हें खरीदा।

चेन्नई की टीम में रविचंद्रन अश्विन के साथ उनकी जोड़ी काफी सफल रही। यही नहीं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी भारतीय टीम को इस जोड़ी ने कई मैच जिताए। इसके अलावा निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करते हुए वो सीएसके के लिए 800 से भी ज्यादा रन बना चुके हैं। वहीं अब तक वो 64 विकेट भी हासिल कर चुके हैं। जब सीएसके की टीम ने उन्हें खरीदा था तब शायद सोचा भी नहीं होगा कि वो टीम के लिए ब्लॉकबस्टर खिलाड़ी साबित होंगे।

टेस्ट खिलाड़ियों के टीम में न होने पर कैसी होगी भारत की टी20 टीम?

भारत के खिलाफ टेस्ट दौरे से पहले ऑस्ट्रेलिया अपने घर में श्रीलंका के खिलाफ 3 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। टेस्ट सीरीज से ठीक पहले टी20 सीरीज का ऑस्ट्रेलिया का कार्यक्रम बहुत ही अजीब लगता है। क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट और टी20 दोनों टीमें एक दूसरे से अलग हैं। टेस्ट और टी20 के लिए अलग -अलग टीमें चुनी गई हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि आजकल कई खिलाड़ी टेस्ट और वनडे क्रिकेट से ज्यादा महत्व टी 20 क्रिकेट को दे रहे हैं। टी20 क्रिकेट टेस्ट क्रिकेट से काफी अलग है। टी 20 क्रिकेट के खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट के खिलाड़ियों से अलग हैं। हालांकि डेविड वॉर्नर और क्विंटन डी कॉक जिस तरह से टी 20 क्रिकेट में विस्फोटक बल्लेबाज की भूमिका निभाते हैं, ठीक वैसे ही ये दोनों खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को भी अपने खेल को फॉर्मेट के हिसाब से ढालने में माहिर हैं।

लेकिन क्या एलिस्टेयर कुक, अजहर अली और दिमुथ करुणारत्ने टेस्ट की तरह ही टी 20 क्रिकेट में अच्छा कर सकते हैं? चलिए कल्पना करते हैं टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी टी 20 क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते तो भारत की टी 20 कैसी होगी?

आइए नजर डालते हैं भारतीय टी 20 टीम पर जिसमें टेस्ट क्रिकेटर शामिल न हों: (बांग्लादेश के खिलाफ होने एक टेस्ट मैच के लिए चुनी गई टीम पर नजर डालते हैं)

#1 शिखर धवन/ मनदीप सिंह

बाएं हाथ के ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट टीम में नहीं चुना गया है। लिहाजा शिखर टी 20 क्रिकेट में बतौर ओपनर फिट बैठते हैं। हालांकि उनकी हाल के प्रदर्शन को देखते हुए, अगर टी 20 में उनकी जगह पंजाब के युवा बल्लेबाज मनदीप सिंह को शामिल किया जाए तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी।
धवन ने अबतक 22 टी 20 मैच खेले हैं। उन्होंने अपना आखिरी टी 20 मैच वर्ल्ड टी 20 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। हालांकि मनदीप सिंह ने अबतक एक भी अंतर्राष्ट्रीय टी 20 मैच नहीं खेला लेकिन आईपीएल में आरसीबी की ओर से मनदीप ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

#2 ऋषभ पंत

दिल्ली के विकेटकीपर ओपनर बल्लेबाज ऋषभ पंत की जगह टी 20 टीम में ओपनर बल्लेबाज के तौर पर बनती है। लेकिन ये भी देखना होगा ऋषभ पंत खुद को टेस्ट क्रिकेट से कबतक दूर रख पाते हैं। पंत एक बिग हिटर और वो अंडर 19 वर्ल्ड कप और रणजी ट्रॉफी में खुद को साबित भी कर चुके हैं।

पंत को इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी 20 मैच प्लेइंग इलेवन में मौका मिला लेकिन बैटिंग में वो नीचे बल्लेबाजी करने आए जिसकी वजह से उनके पास करने को ज्यादा कुछ नहीं था। पंत के अटैकिंग खेल को देखते हुए उन्हें टॉप ऑडर्र में अच्छे विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

#3 सुरेश रैना (उपकप्तान)

सुरेश रैना टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं है। लिहाजा टी 20 क्रिकेट में वो नंबर 3 पर विराट कोहली की जगह ले सकते हैं। छोटे फॉर्मेट में रैना ने बड़ा प्रदर्शन किया है टी 20 क्रिकेट में रैना के नाम एक शतक भी दर्ज है।
रैना आईपीएल में तीसरे नंबर पर चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से बतौर उपकप्तान खेलते हैं टी 20 क्रिकेट में रैना का औसत 29.90 का है। हाल ही इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी 20 मैच में रैना ने अर्धशतकीय पारी खेली थी।

#4 युवराज सिंह

पंजाब के ऑलराउंडर युवराज सिंह को टी 20 स्पेशलिस्ट कहा जा सकता है। टी 20 टीम में युवराज सिंह नंबर 4 पर फिट बैठते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम में वापसी करते हुए युवराज सिंह ने वनडे क्रिकेट का अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया था। युवराज ने उस मैच में 150 रन बनाए थे।

बल्ले के साथ साथ युवराज पार्ट टाइम स्पनिर के तौर पर भी टीम में अहम योगदान दे सकते हैं। युवराज ने भारत के लिए 58 टी 20 मैच खेले हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 अर्धशतकीय पारियां भी निकली हैं। जबकि युवराज ने 28 अहम विकेट भी अपने नाम किए।

#5 एम एस धोनी , कप्तान

एम एस धोनी के टी 20 कप्तान होने पर विराट कोहली की टी 20 टीम में जगह नहीं बनती। धोनी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में खेले गए पहले टी 20 वर्ल्ड कप में कब्जा जमाया था। धोनी वर्ल्ड क्रिकेट के बेस्ट फिनिशर भी हैं टी 20 टीम में धोनी पांचवे नंबर पर फिट बैठते हैं।

ये बहुत जरूरी है कि टी 20 में आप अपने अच्छे बल्लेबाजों को टॉप -5 में खिलाएं और धोनी को नंबर 6 से नंबर 5 पर प्रोमोट करें।

#6 मनीष पांडे

टेस्ट टीम में नंबर 6 पोजीशन के लिए केदार जाधव और मनीष पांडे के बीच जबरदस्त कॉम्पिटिशन है। केदार जाधव ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। तो वहीं मनीष पांडे भी फिनिशर के रोल में फिट बैठते हैं। पांडे आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी है।

जाधव ने अबतक 5 टी 20 मैच खेले हैं, जिसमें से आखिरी बार उन्होंने जून 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था।

#7 परवेज रसूल

कश्मीर के ऑलराउंडर परवेज रसूल अच्छे टी 20 खिलाड़ी हैं और आर अश्विन, जडेजा और मिश्रा की गैरमौजूदगी में रसूल मिडिल ओवर्स में जिम्मेदारी बखूबी निभा सकते हैं। रसूल गेंद को अच्छे से फ्लाइट करते हैं जिससे बल्लेबाज को उनकी गेंदों को पढ़ने में दिक्कत होती है।

रसूल बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं जिसकी चलते वो टीम में एक स्पिन ऑलराउंडर का रोल अदा कर सकते हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई टी 20 सीरीज में रसूल को सिर्फ एक मैच में खेलने का मौका मिला था। 38 घरेलू टी 20 मैचों में रसूल ने 38 विकेट हासिल किए हैं। जिसमें उनका बेस्ट 17 रन देकर 3 विकेट है।

#8 युजवेंद्र चहल

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु की और से खेलते हुए सभी का ध्यान अपनी और खींचा। छोटे फॉर्मेट में चहल के बड़े प्रदर्शन के चलते उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी 20 सीरीज में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी 20 मैच में चहल ने गेंदबाजी की शुरूआत की थी हालांकि चहल मिडिल ओवर्स में ज्यादा कामयाब होते हैं।

भारत में लिमिटेड ओवर्स के क्रिकेट में रिस्ट स्पनिर्स को ज्यादा सफलता मिलती है और इस काल्पनिक टी 20 टीम में चहल को शामिल करने से टीम को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।

चहल ने इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टी 20 मैच में शानदार लेग स्पिन का मुजाहिरा करते हुए 25 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। जो टी 20 क्रिकेट में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

#9 धवल कुलकर्णी

गुजरात लायंस के तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी दाएं हाथ के शानदार स्विंग गेंदबाज हैं। आईपीएल 2016 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में धवल चौथे नंबर रहे थे धवल के पास बहुत ज्यादा वैराइटी हैं। जिसमें वो स्लो बॉल, ऑफ कटर और स्लो बाउंसर का अच्छा इस्तेमाल करता है।

कुलकर्णी ने अबतक भारत के लिए सिर्फ 2 टी 20 मैच खेले हैं। 2016 के जिम्बाब्वे दौरे पर भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव के गैरमौजूदगी में उन्होंने आखिरी बार जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था।

#10 आशीष नेहरा

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा आज भी टीम के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी 20 मैच में टीम इंडिया को जीत दिलाने में नेहरा ने अहम भूमिका निभाई थी। नेहरा ने उस मैच में बेन स्टोक्स को आउट कर भारत की मैच में वापस करवाई थी।

हालांकि उम्र नेहरा के साथ नहीं है लेकिन अपने प्रदर्शन से उन्होंने कई बार साबित किया है कि उम्र महज एक नंबर है और इस काल्पनिक टी 20 साइड में नेहरा को शामिल करना टीम के लिए बहुत अच्छा रहेगा। नेहरा का टी 20 रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है उन्होंने 21.44 की औसत से 26 टी 20 मैचों में 34 विकेट चटकाए हैं।

#11 जसप्रीत बुमराह

क्रिकेट सनसनी जसप्रीत बुमराह लिमिटेड ओवर्स में टीम इंडिया के नंबर 1 गेंदबाज हैं। बुमराह अपनी यॉर्कर और स्लो डिलीवरी से विरोधी बल्लेबाजों को चकमा देने में कामायाब रहते हैं। आईपीएल के दौरान डग आउट में बैठकर बुमराह ने लसिथ मलिंगा से यॉर्कर की बारिकियां सीखी और अपने अहम हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया।

बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी 20 मैच में जीत के हीरो रहे थे। जबतक बुमराह को टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया जाता तब तक वो टी 20 में टीम इंडिया के स्ट्राइक बॉलर हैं और इस टी 20 साइड के अटैक को लीड करने के लिए बेस्ट गेंदबाज हैं। 2016 में टी 20 क्रिकेट में बुमराह ने 28 विकेट चटकाए हैं। जो किसी भी गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा विकेट हैं।