IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के अब तक के 5 सबसे महंगे खिलाड़ी

चेन्नई सुपर किंग्स की टीम IPL से 2 साल के लिए निलंबित चल रही है। लेकिन आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन काफी बढ़िया रहा है। चेन्नई की टीम अब तक 2 आईपीएल का खिताब और 2 बार चैंपियंस लीग टी-20 का खिताब जीत चुकी है। बिना किसी शक के सीएसके की टीम आईपीएल की सबसे सफल टीम है।

2008 में इंडिया सीमेंट्स ने उन्हें $91 मिलियन में खरीदा था। तब चेन्नई की टीम चौथी सबसे महंगी टीम थी।  सीएसके की टीम ने आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

चेन्नई की टीम की सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने अपनी टीम के मुख्य खिलाड़ियों का साथ कभी नहीं छोड़ा। हर साल सीएसके फ्रेंचाइजी ने सोच-समझकर पैसा खर्च किया। हालांकि कई अहम खिलाड़ियों के लिए उन्होंने खूब पैसा भी खर्च किया। चाहे आईपीएल के पहले सीजन में महेंद्र सिंह धोनी रहे हों या फिर 2012 में रविंद्र जडेजा।

इनमें से कई खिलाड़ी हर बार सफल नहीं रहे। लेकिन कई अहम मौकों पर इन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जीत भी दिलाई।

आइए आपको बताते चेन्नई सुपर किंग्स के अब तक के 5 सबसे महंगे खिलाड़ियों के बारे में

5. सुब्रमण्यम बद्रीनाथ $850,000

दुर्भाग्यवश सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर अच्छा नहीं रहा है। ये उनकी खराब किस्मत ही रही कि ऐसे समय में उनका उदय हुआ जब भारतीय क्रिकेट टीम में कई युवा खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे और कई खिलाड़ी नेशनल टीम में दस्तक दे रहे थे। लेकिन वहीं दूसरी तरफ बात अगर उनके आईपीएल करियर की करें तो चेन्नई सुपर किंग्स के वो सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।

हालांकि वो बहुत ज्यादा आक्रामक और तूफानी बल्लेबाज नहीं हैं फिर भी उन्होंने टीम के लिए लगातार उपयोगी पारियां खेली हैं। जब भी टीम संकट में दिखी तब बद्रीनाथ ने पूरी जिम्मेदारी से टीम को संभाला। ये उनकी योग्यता ही थी कि 2011 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने $850,000 की भारी-भरकम रकम अदा कर उन्हें खरीदा, जबकि उनकी बेस प्राइज मात्र $100,000 ही थी।

हालांकि ज्यादातर मौकों पर बद्रीनाथ बड़ा स्कोर नहीं बना सके हैं फिर भी वो टीम के बैटिंग आर्डर को स्थिरता प्रदान करते हैं। वहीं दूसरी तरफ अपनी फील्डिंग से वो काफी रन भी बचाते हैं।

4.रविचंद्रन अश्विन-$850,000

2010 के आईपीएल सीजन में अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से  खेलते हुए 12 विकेट झटके थे, जिसकी वजह से सीएसके की टीम आईपीएल का टाइटल जीतने में सफल रही थी। वहीं चैंपियंस लीग टी-20 में भी उन्होंने 13 विकेट झटके। ये चैंपियनशिप भी सीएसके की टीम के नाम रही थी। इसके बाद से अश्विन चेन्नई की टीम के नियमित सदस्य रहे हैं।
उनकी काबिलियत की अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि चेन्नई टीम मैनेजमेंट ने उनको उनकी बेस प्राइज से 8 गुना ज्यादा रकम देकर खरीदा था। उनका बेस प्राइज केवल $100,000 था लेकिन चेन्नई की टीम ने  $850,000 की रकम अदा कर उन्हें टीम में शामिल किया। इसकी वजह से वो 2011 की आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए। तब से लेकर अब तक वो चेन्नई की टीम का हिस्सा रहे हैं।

2011 की आईपीएल नीलामी तक अश्विन ने चेन्नई के लिए 6.07 की औसत से 20 मैचों में 28 विकेट लिए थे। इसके बाद से अश्विन अब तक चेन्नई  के लिए 7 से भी कम औसत से 121 मैचों में 120 विकेट चटका चुके हैं। वो टीम के लीडिंग विकेट टेकर हैं और उन्होंने खुद को दुनिया का बेस्ट गेंदबाज साबित किया है।

3. महेंद्र सिंह धोनी – $1.5 million

2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी ने शानदार कप्तानी करते हुए भारतीय़ टीम को जीत दिलाई थी। इसके बाद जब 2008 में आईपीएल की शुरुआत हुई तो धोनी सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी थे।  तब चेन्नई की टीम ने उन्हें रिकॉर्ड $ 1.5 million देकर खरीदा था। 2008 में उससे ज्यादा पैसे केवल 2 खिलाड़ियों को मिले थे।

बहुत से लोगों ने ये सोचा कि शायद चेन्नई टीम मैनेजमेंट ने धोनी पर ज्यादा पैसा खर्च कर दिया है। लेकिन उसके बाद 2 आईपीएल टाईटल और 2 चैपियंस लीग का टाइटल जीतकर उन्होंने दिखा दिया कि क्यों सीएसके ने उन पर इतना पैसा खर्च किया था।  धोनी वर्तमान में आईपीएल के सबसे सफल कप्तान हैं और उन्होंने खुद को एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर भी स्थापित किया है।

विपरीत परिस्थितियों में शांत रहने, कभी ना हार मानने का जज्बा उन्हें और खिलाड़ियों से अलग बनाती है। मुश्किल से मुश्किल हालात में भी वो टीम को संकट से निकाल लाते हैं। ये काबिलियत उनके अंदर कूट-कूटकर भरी हुई है।

2008 में वो चेन्नई की टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी थी। हालांकि बाद में चेन्नई की टीम ने उनसे भी ज्यादा रकम देकर और खिलाड़ियों को खरीदा।

2. एंड्र्यू फ्लिंटॉफ- $1.55 million

एंड्र्यू फ्लिंटॉफ 2009 की आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए। लेकिन अपनी कीमत के हिसाब से वो कभी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।

2009 की आईपीएल नीलामी से पहले ही उन्हें टीम में लाने की कवायद शुरु हो गई थी। बाद में खुलासा हुआ कि पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी की कृपा से उन्हें टीम में शामिल किया गया और उनके लिए $1.55 मिलियन की भारी-भरकम रकम अदा की गई।

चेन्नई की टीम के पास पूरे 2 मिलियन खर्च करने के लिए थे। सीएसके तब पसंदीदा टीम थी जिसके बारे में मोदी ने बाद में खुलासा किया उन्होंने सीएनएन-आईबीएन को दिए एक इंटरव्यू में ये बात कही। जिसके बाद फ्लिंटॉफ, केविन पीटरसन के साथ सबसे महंगे खिलाड़ी बने। केविन पीटरसन को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की टीम ने खरीदा था। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था।

हालांकि चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते फ्लिंटॉफ कभी भी फॉर्म में नहीं दिखे। हर मौके पर उन्होंने निराश किया। इस बात को उन्होंने खुद भी स्वीकार किया है कि सीएसके की टीम में रहते हुए वो अच्छा नहीं कर पाए।

फ्लिंटॉफ ने सीएसके की तरफ से 31 की औसत से महज 62 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 116.9 था। वहीं 3 मैचों में 9.54 के इकॉनामी रेट से वो मात्र 2 ही विकेट ले सके। उसी आईपीएल सीजन में वो चोटिल हो गए और पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। हालांकि उसी साल उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास भी ले लिया इसके बाद उन्होंने कभी भी आईपीएल में हिस्सा नहीं लिया।

1.रविंद्र जडेजा-$2 million

आईपीएल के शुरुआती 2 संस्करण 2008 और 2009 में चेन्नई की टीम में सबसे ज्यादा महंगे खिलाड़ियों की भरमार थी। लेकिन टीम कभी खिताब नहीं जीत पाई। इसके बाद अगली 2 नीलामी में चेन्नई की टीम ने ज्यादा पैसा नहीं खर्च किया, फिर भी 2010 और 2011 का आईपीएल खिताब जीत लिया। एक बार टीम सेट हो जाने के बाद 2012 की नीलामी में चेन्नई की टीम ने दिल खोलकर पैसा खर्च किया और 2012 का सबसे महंगा खिलाड़ी खरीदा।

2012 की नीलामी केवल 3 खिलाड़ी ही $1 मिलियन के आंकड़े को छू पाए थे। इनमें से सबसे बड़ा नाम था रविंद्र जडेजा का। जडेजा को खरीदने के लिए डेक्कन चार्जस हैदराबाद और चेन्नई की टीम में कड़ा मुकाबला देखने को मिला अंत में चेन्नई की टीम ने बाजी मार ली।

कुछ लोगों को उम्मीद थी कि जडेजा सबसे महंगे खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। क्योंकि इससे पहले वो 2008 के शुरूआती सीजन में वो राजस्थान रॉयल्स की विनिंग टीम का हिस्सा था। इससे अगले सीजन में कोच्चि टस्कर्स की टीम ने उन्हें $950,000 में खरीदा था। सितंबर 2011 में कोच्चि की टीम ने जडेजा को रिलीज कर दिया जिसके बाद 2012 की नीलामी में चेन्नई की टीम ने $2 मिलियन खर्च कर उन्हें खरीदा।

चेन्नई की टीम में रविचंद्रन अश्विन के साथ उनकी जोड़ी काफी सफल रही। यही नहीं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी भारतीय टीम को इस जोड़ी ने कई मैच जिताए। इसके अलावा निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करते हुए वो सीएसके के लिए 800 से भी ज्यादा रन बना चुके हैं। वहीं अब तक वो 64 विकेट भी हासिल कर चुके हैं। जब सीएसके की टीम ने उन्हें खरीदा था तब शायद सोचा भी नहीं होगा कि वो टीम के लिए ब्लॉकबस्टर खिलाड़ी साबित होंगे।

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